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चुनाव आयोग ने GST परिषद की मीटिंग को दी मंजूरी, रियल एस्टेट पर होगी चर्चा 

चुनाव आयोग ने 19 मार्च को होने वाली GST परिषद की मीटिंग को मंजूरी दे दी है. आचार संहिता लागू होने के बाद इस मीटिंग के लिए आयोग की मंजूरी लेना महत्वपूर्ण था. परिषद की यह 34वीं मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. आयोग की मंजूरी के बाद GST परिषद सचिवालय ने राज्यों को इस मामले में नोटिस भेजना प्रारम्भ कर दिया है.

रियल एस्टेट पर चर्चा 

इस मीटिंग में रियल एस्टेट एरिया को GST में दी गई छूट को लागू करने पर चर्चा होगी. परिषद ने पिछली मीटिंग में निर्माणाधीन मकानों पर GST 12 से घटाकर 5 प्रतिशत किफायती मकानों पर 8 से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया था. अब इसे लागू करने के लिए महत्वपूर्ण परिवर्तन के प्रावधानों पर चर्चा की जानी है.

महंगे हो सकते हैं वाहनों के ट्यूब

मोटर वाहनों में प्रयोग होने वाले ट्यूब आने वाले दिनों में महंगे हो सकते हैं. अखिल इंडियन टायर डीलर्स फेडरेशन (एआईटीडीएफ) ने वाहनों के ट्यूब पर GST बढ़ाने संबंधी प्रतिवेदन बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है. इस पर GST परिषद की 19 मार्च को होने वाली मीटिंग में चर्चा हो सकती है.

एआईटीडीएफ ने अपने प्रतिवेदन में बोला है कि प्रारम्भ में मोटर वाहनों में उपयोग होने वाले रबर के टायर  ट्यूब पर 28 प्रतिशत की दर से समान कर लगता था. पिछले वर्ष ट्रक, बस, कार, एसयूवी, दोपहिया  तिपहिया वाहनों, अर्थमूविंग मशीनों में लगने वाले ट्यूब पर GST 28 से घटा 18 प्रतिशत कर दिया गया.

हालांकि, GST परिषद ने तय किया कि यदि कोई ग्राहक टायर के साथ ट्यूब (पूरा व्हील सेट) खरीदता है तो उसे दोनों पर 28 प्रतिशत GST देना होगा, लेकिन ग्राहक यदि सिर्फ ट्यूब खरीदता है तो 18 प्रतिशत ही GST देगा.

डीलरों की बढ़ी परेशानी

एआईटीडीएफ के संयोजक एसपी सिंह ने बोला कि ट्यूब पर GST दर घटने से डीलरों की कठिनाई बढ़ गई है. यदि डीलर टायर  ट्यूब का अलग-अलग बिल बनाये तो GST के इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट वाले उन पर कर चोरी का आरोप लगाते हैं.

इसलिए डीलरों की मांग है कि टायर-ट्यूब पर दोबारा एकसमान 28 प्रतिशत GST कर दिया जाए. अगर परिषद यह निर्णय करती है तो इस पर चुनाव आचार संहिता का भी कोई प्रभावनहीं होगा, क्योंकि इसमें दर घटाने के बजाए बढ़ाई जा रही है.

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