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छोटे हुए इन मकानों के साइज, 17 प्रतिशत कम हो गया आकार

पिछले पांच वर्ष में राष्ट्र के सात बड़े शहरों में फ्लैट का साइज 17 प्रतिशत तक घट गया है. हालांकि इस दौरान कीमतों में किसी तरह की कोई कमी देखने को नहीं मिली है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म एनॉरॉक द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान सबसे ज्यादा घर राष्ट्र की आर्थिक राजधानी में छोटे हुए हैं.

इन मकानों के साइज हुए छोटे

एनॉरॉक के मुताबिक इसका सबसे ज्यादा प्रभाव 40 लाख रुपये से कम मूल्य वाले मकानों और फ्लैटों पर पड़ा है. इनके साइज में 23 प्रतिशत की कमी देखी गई है. जो मकान इतनी मूल्य में 750 वर्ग फीट का मिलता था, वो 2018 में घटकर केवल 580 वर्ग फीट रह गया है.

40 से 80 लाख रुपये मूल्य वाले घरों के आकार में 17 प्रतिशत गिरावट आई है. 2014 में ये 1,150 वर्ग फीट के होते थे. 2018 में 950 वर्ग फीट के रह गए. 80 लाख से ज्यादा मूल्यवाले घरों का आकार 20 प्रतिशत कम हुआ है.

इन शहरों में दिखा असर 

जिन सात शहरों में सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिला है उनमें मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन, कोलकाता, बंगलूरू, पुणे, दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई  हैदराबाद शामिल हैं. इनमें बंगलूरू में सबसे कम साइज घटा है. डेवलपर्स का तर्क है कि लोग छोटे साइज का घर लेना पसंद कर रहे हैं.

अच्छी लोकेशन पर चाहिए घर

सबसे बड़े घर हैदराबाद में होते हैं. ज्यादातर शहरों में प्रॉपर्टी की मूल्य बढ़ी है. इसलिए डेवलपर घरों का आकार छोटा कर इसे बजट फ्रेंडली बनाने की प्रयास कर रहे हैं. 22 से 38 वर्ष के युवा खरीदारों का भी इस ट्रेंड में बड़ा सहयोग है. वे अच्छी लोकेशन पर घर चाहते हैं. भले ही इसका आकार छोटा क्यों न हो. वे बजट फ्रेंडली घरों को तरजीह देते हैं, ताकि समय पर इसे बेचा जा सके.

इतना साइज हुआ कम

शहर 2014  2018 कमी (फीसदी में)
मुंबई 960 700 27
कोलकाता 1,230 950 23
पुणे 960 750 22
एनसीआर 1485 1250 16
चेन्नई 1290 1100 15
हैदराबाद 1830 1600 13
बेंगलुरू 1430 1260 12
पूरा भारत 1390 1160 17
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