Thursday , December 13 2018
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शेयर मार्केट में लिस्टिंग के नियमों को सरल बनाने की प्लानिंग हुई प्रारम्भ 

शेयर मार्केट में लिस्टिंग के नियमों को सरल बनाने की प्लानिंग प्रारम्भ हो गई है अब घरेलू कंपनियों के लिए विदेश में  विदेशी कंपनियों के लिए घरेलू बाजार में लिस्टिंग सरल हो सकती है दरअसल, बाजार रेगुलेटर SEBI के एक्सपर्ट पैनल ने कंपनियों की डायरेक्ट लिस्टिंग की सिफारिश की है हालांकि, विदेशों में कंपनियों की डायरेक्ट लिस्टिंग चुनिंदा राष्ट्रों में ही हो सकेगी लिस्टिंग के वक्त ऐसे राष्ट्रों के रेगुलेटर  गवर्नमेंट के साथ सूचनाएं साझा करने का करार होना महत्वपूर्ण है

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क्या होगा फायदा
इंडियन कंपनियों की विदेशी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग से पैसा जुटाना सरल होगा वहीं, विदेशी कंपनियां इंडियन एक्सचेंज में लिस्टिंग कराएंगी तो निवेशकों को डाइवर्सिफिकेशन का मौका मिलेगा पैनल ने मंगलवार को स्टॉक बाजार रेग्युलेटर सेबी (SEBI) को ऐसा सुझाव दिया लिस्टिंग के लिए कंपनियों को दोनों ही राष्ट्रों के कानूनों का पालन करना होगा

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क्या होगी लिस्टिंग के लिए जरूरी
कंपनियों को विदेशी बाजारों में लिस्टिंग के लिए महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना होगा सबसे पहले नो योर कस्टमर (KYC), मनी लॉन्ड्रिंग  विदेशी निवेश (FDI) के नियमों को मानना होगा एक्सपर्ट कमेटी ने जिन 10 राष्ट्रों के एक्सचेंज पर इंडियन कंपनियों के लिस्टिंग की सिफारिश की है उनमें अमेरिका, चीन, साउथ कोरिया, स्विटजरलैंड, ब्रिटेन, जापान, हॉन्ग-कॉन्ग, फ्रांस, कनाडा  जर्मनी शामिल हैं कमेटी के सुझावों पर 24 दिसंबर तक राय ली जाएगी बाद में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा

अभी ऐसे होती है लिस्टिंग
फिलहाल, इंडियन कंपनियां डिपॉजिटरी रिसीट्स के जरिए ही विदेशों में लिस्टिंग करा सकती हैं वहीं, विदेशी कंपनियां हिंदुस्तान में भारतीय डिपॉजिटरी रिसीट के जरिए लिस्टिंग कराती हैं इसके अतिरिक्त इंडियन कंपनियां ‘मसाला बॉन्ड’ के नाम से पहचाने जाने वाले एक सिक्युरिटी इंस्ट्रूमेंट के जरिए भी अंतर्राष्ट्रीय एक्सचेंजों में डेट सिक्योरिटीज की लिस्टिंग करा सकती हैं

ग्रोथ को मिलेगी रफ्तार
अगर एक्सपर्ट कमिटी की रिपोर्ट को मंजूरी मिल जाती है तो इससे न सिर्फ कंपनियों का लाभ होगा बल्कि राष्ट्र की इकोनॉमिक ग्रोथ में भी तेजी आएगी दरअसल, छोटी कंपनियों के लिए विदेशी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने पर कम लागत में फंड जुटाने का विकल्प खुल जाएगा इससे आर्थिक विकास की गति को तेजी मिलेगी साथ ही विदेशी कंपनियों की हिंदुस्तान में लिस्टिंग से भी इकोनॉमी को लाभ मिलेगा

इन राष्ट्रों के एक्सचेंज में लिस्टिंग कराना सरल होगा
– अमेरिका—नैस्डेक, NYSE
– चीन—शंघाई, शेनज़ेन
– साउथ कोरिया—कोरिया एक्सचेंज
– स्विटज़रलैंड—SIX स्विस एक्सचेंज
– ब्रिटेन—लंदन स्टॉक एक्सचेंज
– जापान—टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज
– हॉन्ग कॉन्ग—हॉन्गकॉन्ग स्टॉक एक्सचेंज
– फ्रांस—यूरोनेक्सट पेरिस
– कनाडा—टोरंटो स्टॉक एक्सचेंज
– जर्मनी—फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज

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