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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इनके पास से 51 लग्जरी गाड़ियां बरामद

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 4 ऐसे ऑटोलिफ्टर को गिरफ्तार किया है जिनका शौक छोटी गाड़ियां नहीं, बल्कि लग्जरी गाड़ियां चुराने का शौक था.

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इनके पास से 51 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं. ऑटो लिफ्टर लग्जरी गाड़ियों पर हाथ साफ करते और उसके बाद उन गाड़ियों में अपनी महबूबा को घुमाया करते. दरहसल ये ऑटोलिफ्टर गैंग बेहद प्रोफेशनल है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस गैंग के हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी. एक शख्स गाड़ी चुराता था, दूसरा उसका चेसिस नंबर बदलता था और तीसरा उस गाड़ी का ग्राहक ढूंढकर गाड़ी को ठिकाने लगाता था.

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दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस ने कालिया नाम का बदमाश पकड़ा और उससे पूछताछ में पता चला कि नवीन और तीरथ दो शख्स हैं, जो गाड़िया चुराते हैं और उसका चेसिस नंबर बदलकर आगे अपने ग्राहक को बेच देते हैं. इसके बाद पुलिस ने तीरथ और नवीन को सर्विलांस की बिना पर गिरफ्तार किया लेकिन जब उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि ये गैंग और भी बड़ा है.

तीरथ और नवीन ने खुलासा किया कि संभल का रहने वाला सारिक इस गैंग का मास्टरमाइंड है जो बड़ी तादाद में चोरी की गाड़ियां बेचता खरीदता है. इसके बाद पुलिस ने संभल और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी की और आखिरकार सारिक दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से पुलिस के हत्थे चढ़ गया.

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सारिक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने कई खुलासे किए. उसने यह बताया कि तीन और साथी गाड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं जिसके बाद पुलिस ने एक-एक कर उन तीनों को गिरफ्तार कर लिया. दरअसल यह गैंग पहले गाड़ियों को अपने तरीके से चुराया करता था और उसके बाद उसी मॉडल की एक स्क्रैप गाड़ी कागजात के साथ इंश्योरेंस कंपनियों से खरीद लेता. उसके बाद उस स्क्रैप गाड़ी का चेसिस नंबर चुराई हुई गाड़ी पर लगा देता और उसके बाद उस गाड़ी को बेच देता.

बहरहाल दिल्ली पुलिस ने इस गैंग के पास से 51 आलीशान गाड़ियां बरामद की हैं. दिल्ली पुलिस ने गैंग के कुल सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पुलिस को अब तलाश है उन इंश्योरेंस कंपनियों के कर्मचारियों की जिनकी मिलीभगत से यह पूरा काला कारोबार चलता था.

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