Loading...

मोहनपुर में माकपा भी कांग्रेसी किला भेदने में रही है नाकाम

नई दिल्ली: त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2018 जहां एक तरफ बीजेपी (भाजपा) के लिए राज्य में उगते सूरज की किरण लेकर आ रहा है, तो वहीं राष्ट्र में अपने खोते अस्तित्व को बचाने में जुटी कांग्रेस पार्टी के लिए यह किसी जंग से कम नहीं है कांग्रेस पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती उन सीटों को बचाना होगी, जहां से पार्टी की टिकट पर चुनाव जीतने वाले विधायक बीजेपी के साथ जा चुके हैं, जिसमें सबसे पहला नाम मोहनपुर विधानसभा सीट का आता है त्रिपुरा विधानसभा सीट संख्या-2 मोहनपुर निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम त्रिपुरा लोकसभा एरिया के जरूरी हिस्से मोहनपुर विधानसभा एरिया के कुल मतदाताओं की संख्या 43,454 है इस विधानसभा सीट पर कुल 22,012 पुरुष मतदाता  21,442 महिला मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगी

Image result for मोहनपुर में माकपा

कांग्रेस का एकछत्र राज
बात करें क्षेत्रीय पॉलिटिक्स को 1972 में पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त होने के बाद मोहनपुर विधानसभा सीट पर 1972  1977 में हुए चुनाव में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राधारमन देब नाथ ने जीत हासिल की थी लेकिन इसके बाद 1983 से लेकर 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने इस सीट को गंवाया नहीं 1983  1988 में कांग्रेसी नेता धीरेंद्र नाथ देबनाथ  1993, 1998, 2003, 2008  2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के महान नेता रतन लाल नाथ ने इस सीट को कांग्रेस पार्टी की सबसे अहम सीटों में शुमार कर दिया

माकपा के लिए मुश्किल रहा है मोहनपुर सीट
पिछले 25 वर्षों से राज्य की सत्ता पर काबिज माकपा के लिए हर बार मोहनपुर विधानसभा सीट को जीतना मुश्किल रहा 2018 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ बीजेपी का हाथ पकड़ने वाले विधायक रतन लाल नाथ 22 दिसंबर को बीजेपी में शामिल हुए थे 1972 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के एमबीबी कॉलेज से बी ए की इम्तिहान पास कर स्नातक पेशेवर बने नाथ ने 1979 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से ही एलएलबी की इम्तिहान पास की थी वह विधानसभा में विपक्ष के नेता की किरदार निभा रहे थे

कांग्रेस के बागी नेता रतन लाल उस वक्त सुर्खियों में थे, जब 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव में नाथ ने राजद के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट दिया था रतन के ऊपर बीजेपी नेताओं से करीबी संबंध के आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था रतन लाल कई बार पीएम नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट की नीतियों की तारीफ कर चुके थे  अंत में वह बीजेपी में शामिल हो गए

loading...

भाजपा की ओर से रतन लाल मैदान में
बीजेपी ने पांच बार के विधायक  बागी रतन लाल नाथ को ही मोहनपुर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है वर्तमान विधानसभा में अपनी अस्तित्व को बचाने में जुटी कांग्रेस पार्टी के सिर्फ दो ही विधायक हैंदरअसल पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के वामपंथी दलों से हाथ मिलाने के बाद कांग्रेस पार्टीके छह विधायक तृणमूल कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे जिसके बाद से पार्टी अपनी अंदरूनी लड़ाई लड़ रही है

कांग्रेस की ओर से दिलीप कुमार घोष मैदान में
कांग्रेस पार्टी ने मोहनपुर एरिया से दिलीप कुमार घोष को मैदान में उतारा है दिलीप त्रिपुरा कांग्रेस पार्टी प्रदेश इकाई के कार्यकारी सदस्य हैं इस चुनाव में दिलीप पर न केवल इस सीट को दोबारा से कांग्रेस पार्टी के खेमे में लाने की होगी, बल्कि उनके ऊपर रतन लाल नाथ जैसे महान नेता को हराने की चुनौती होगी

माकपा ने सुभाष चंद्र देवनाथ को दिया टिकट
इसके अतिरिक्त हमेशा से इस सीट को जीतने की जद्दोजहद में दिखी माकपा ने सुभाष चंद्र देवनाथ को टिकट दिया है देवनाथ ने 1978 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से परा-स्नातक  1990 में त्रिपुरा विश्वविद्यालय से बीएड की इम्तिहान पास की थी साथ ही मोहनुपर विधानसभा सीट पर आमरा बंगाली ने हरलाल देबनाथ को चुनाव मैदान में उतारा है

18 फरवरी को होगा मतदान
बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी के गढ़ मोहनपुर विधानसभा एरिया में उसी के बागी को मैदान में उतारकर यहां अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है, ऐसे में कांग्रेस पार्टी के लिए यहां जीत हासिल करना कांटों पर से गुजरने जैसा दिखाई दे रहा है 60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा के लिए मतदान 18 फरवरी को होगा  वोटों की गिनती तीन मार्च को मेघालय  नगालैंड के साथ ही होगी

Click Here
पढ़े और खबरें
Visit on Our Website
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *