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बड़ा फैसला : PPF समेत इन बचत योजनाओं पर हो सकता है

नई दिल्ली: पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) समेत छोटी बचत योजनाओं को उपभोक्ता को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है गवर्नमेंट इसके लिए एक प्रावधान तैयार कर रही है इससे उपभोक्ताओं को तय वक्त से पहले अपने अकाउंट से पैसा निकालने  उसे बंद करने की छूट मिल सकती हैदरअसल, गवर्नमेंट का मानना है कि इससे रुपए की आकस्मित आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ता पैसा निकाल सकेगा गवर्नमेंट का यह भी मानना है कि ऐसा करने से छोटी बचत योजनाओं के प्रति लोगों को रूझान बढ़ेगा

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सरकार लाएगी नया एक्ट
सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव एक बड़ी रीस्ट्रक्चरिंग का भाग है 2018-19 के बजट प्रस्ताव में इन सभी योजनाओं को एक ही कानून के दायरे में लाने की बात कही गई थी इसके तहत सरकारसेविंग्स प्रमोशन एक्ट बनाया जाएगा कर एक्सपर्ट सुभाष जैन के मुताबिक, नया एक्ट आने से सबसे ज्यादा लाभ नौकरीपेशा को होगा जिन्हें अक्सर पैसे की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन स्कीम पर कैप लगी होने से ऐसा मुमकिन नहीं होता

कौन से एक्ट हो सकते हैं खत्म

नए संशोधनों में मिलेंगे  फायदे
इकोनॉमिक टाइम्स अखबार में छपी एक समाचार के मुताबिक, गवर्नमेंट लोगों के लिए नए संशोधन भी कर सकती है फिल्हाल नाबालिग के अकाउंट में पैसा डालने की छूट कुछ ही स्कीम्स में है गवर्नमेंट इसे सब स्कीमों में लाने की तैयारी कर रही है इसमें एक संशोधन ये भी हो सकता है कि नाबालिग खुद तय कर सकेगा कि उसका उत्तराधिकारी कौन होगा साथ ही तय वक्त से पहले बंद करने की छूट मेडिकल या फाइनेंशियल एमरजेंसी में है इसे भी नोटिफाई करने का अधिकार उपभोक्ता को दिया जा सकता है

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एक जैसे होंगे सभी स्कीम्स के नियम
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सभी छोटी बचत योजनाओं के नियमों को सरल बनाने की प्रयास की जा रही है सभी नियम एक जैसे होंगे परिवर्तन का प्रभाव उपभोक्ता पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा बल्कि उपभोक्ता को सरलता होगी  नियमों में छूट मिलने से वह अपने पैसा का प्रयोग भी कर सकेगा सूत्रों की मानें तो इस परिवर्तन से योजनाओं में अंतर समाप्त होंगे इसका मकसद भी यही है कि उपभोक्ता बिल्कुल परेशान न हो उसे जिस स्कीम में पैसा लगाना है वह अपनी ख़्वाहिशअनुसार लगा सके

अभी PPF में यह है व्यवस्था
एक कानून होने से अलग-अलग स्कीम के बीच का अंतर समाप्त होगा 15 वर्ष की पीपीएफ स्कीम में सातवें वर्ष में पहले विदड्रॉल की इजाजत होती है उसमें भी चौथे वर्ष के अंत में रहे बैलेंस का 50 प्रतिशत भाग ही निकाला जा सकता है कुछ स्थितियों में 5 वर्ष बाद अकाउंट बंद किया जा सकता है लेकिन, उसमें गवर्नमेंट टीडीएस काटती है वहीं, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स स्कीम में तय वक्त से पहले बंद करने या पैसा निकालने की शर्तें बहुत कठोर हैं

कमीशन ने की कानून बनाने की सिफारिश
लॉ कमीशन ने गवर्नमेंट को सिफारिशें सौंपी हैं इन सिफारिशों में कमीशन ने एक कानून बनाने की बात कही है गवर्नमेंट ने बोला है कि इन बदलावों से मौजूदा निवेशकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगाआर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने शनिवार को एक ट्वीट में बोला था कि कुर्की की सूरत में पीपीएफ डिपॉजिट्स को प्रोटेक्शन मिलता रहेगा

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