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स्मॉल सेविंग स्कीम के खातों को खाताधारक कभी भी कर सकेंगे बंद

केंद्र गवर्नमेंट उन लोगों को जल्द ही एक बड़ा तोहफा देने जा रही हैं, जिन्होंने लघु बचत योजना (स्मॉल सेविंग स्कीम) में निवेश कर रखा है. गवर्नमेंट ने बजट 2018 में इस तरह का प्रस्ताव खाताधारकों के लिए रखा है. अगर संसद इन प्रस्तावों को पास कर देती है तो फिर इन बचत योजनाओं के खाताधारक कभी भी अपना खाता बंद कर सकेंगे.
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अभी होता है लॉक-इन पीरियड
अभी इन सभी बचत योजनाओं में अलग-अलग लॉक-इन पीरियड है, जिसके कारण लोगों को तय अवधि तक निवेश करना होता है  उसके बाद वो अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं. हालांकि गवर्नमेंट पीपीएफ सहित सभी योजनाओं के लिए कानून में परिवर्तन करने भी जा रही है, जिसके कारण इस तरह के सभी लघु बचत खाते बैंकों में चलने वाले आम बचत खाते में तब्दील हो जाएंगे.

इमरजेंसी के वक्त निकाल सकेंगे पैसा

गवर्नमेंट जो नया कानून लेकर के आएगी उसके मुताबिक खाताधारक किसी भी इमरजेंसी के वक्त खाते से पैसा या फिर उसको बंद कर सकेंगे. गवर्नमेंट का मानना है कि ऐसा करने से ज्यादा से ज्यादा लोग इन लघु बचत योजनाओं में निवेश करेंगे.

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पीपीएफ में 15 वर्ष का है लॉक-इन पीरियड

पीपीएफ में फिल्हाल 15 वर्ष का लॉक-इन पीरियड है, जिसमें 7 वर्ष के बाद चार वर्ष तक जमा हुई कुल राशि की 50 प्रतिशत रकम निकाली जा सकती है. इस स्कीम में पांच वर्ष बाद खाते को बंद कर सकते हैं, लेकिन ब्याज नहीं मिलेगा.

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नये कानून से इन खातों पर पड़ेगा असर
स्मॉल सेविंग एक्ट के समाप्त होने से जिन अकाउंट्स पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ेगा, उनमें पोस्ट कार्यालय सेविंग बैंक अकाउंट, नेशनल सेविंग मंथली इनकम, नेशनल सेविंग आरडी अकाउंट, सुकन्या समृद्धि अकाउंट, नेशनल सेविंग टाइम डिपॉजिट (1,2,3  5 साल), सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम, एनएससी, पीपीएफऔर किसान विकास लेटर शामिल हैं.
सब कुछ संसद पर निर्भर

अगर संसद बजट के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा देती है, तो फिर गवर्नमेंट गजट में नए कानून को लागू करने की अधिसूचना जारी कर देगी. अगर यह हो गया तो गवर्नमेंट राष्ट्र भर में लागू सोशल सिक्युरिटी के नाम पर चल रही तमाम स्कीमों को बंद कर देगी.

आप पर ऐसे पड़ेगा असर
इस कानून के लागू हो जाने के बाद आपको इन योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज, बैंकों में मिलने वाले ब्याज के समान हो जाएगा. अभी पीपीएफ  एनएससी पर 7.6, केवीपी पर 7.3 फीसदी, सुकन्या समृद्धि खाते पर 8.1 फीसदी, एक से पांच वर्ष तक के टर्म डिपोजिट पर ब्याज दर 6.6 से 7.4 प्रतिशत  पांच वर्षीय रिकरिंग डिपोजिट पर 6.9 प्रतिशत ब्याज दर है. अभी सरकारी बैंकों में सेविंग अकाउंट पर 3.50 से 4.50 प्रतिशत के बीच ब्याज मिलता है. वहीं प्राइवेट बैंकों में यह 6 प्रतिशत के करीब है.

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